भागलपुर, जून 13 -- कहलगांव , निज प्रतिनिधि प्रभु सबों की सुनते हैं। सच्चे मन से आराधना करने पर प्रभु भक्तों की मदद करते हैं। भक्त पुकारे प्रभु दौड़े चले आए यह सच्चाई है। दुख के साथ साथ सुखों में भी प्रभु को याद करें। जब भी समय मिले प्रभु का भजन स्मरण जरूर करें। इससे जीवन में सुख शांति मिलेगी। यह बातें कहलगांव नगर में स्थित रूंगटा धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा वाचन करते हुए कथा वाचक संत स्वामी बाल प्रभु ने कही है। उन्होंने गजेन्द्र मोक्ष कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि जैसे गज को ग्राह से बचाने भगवान स्वयं आए, वैसे ही भक्त की पुकार पर प्रभु दौड़े चले आते हैं। यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण अमृत समान : मंगलनाथ पाठक भगवान का अवतरण भक्तों के उद्धार के लिए होता है। इसके पश्चात भगवान श्री...