बेगुसराय, फरवरी 17 -- नावकोठी, निज संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के पहसारा पश्चिम गाव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। कथावाचिका सुश्री वैदेही शरण ने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी विवाह प्रसंग का भावपूर्ण मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी का श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम और समर्पण भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है। जब रुक्मिणी द्वारा उनके विवाह में बाधा डाली गई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें हरकर सम्मानपूर्वक विवाह किया। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि सच्चा प्रेम अंततः विजय प्राप्त करता है। कथा के दौरान सुदामा चरित्र का भी विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निःस्वार्थ मित्रता को आदर्श बताते हुए कहा कि सच्ची मित्रता में धन-दौलत का कोई महत्व नहीं होता, बल्कि भाव...