मुजफ्फर नगर, नवम्बर 12 -- श्री श्यामा श्याम मंदिर में कथा वाचक गोविंद बृजवासी ने लक्ष्मी अवतार रुक्मिणी व कृष्ण के विवाह का वर्णन विस्तार से सुनाते हुए कहा कि विदर्भ के राजा भीष्मक के यहां माता लक्ष्मी ने पुत्री रूक्मणि के रूप में जन्म लिया। विदर्भ के राजा भीष्मक के पुत्र रुक्मी अपनी बहन का विवाह अपने मित्र चेती नरेश शिशुपाल से करना चाहते थे। राजकुमारी रूक्मणि ने किसी प्रकार एक संदेश श्री कृष्ण को भिजवा दिया। श्री कृष्ण उनकी इच्छा अनुसार उनको अपने साथ ले गए। रूक्मणि को द्वारिका ले जाकर विधि विधान से दोनों का विवाह हुआ। श्रीकृष्ण रूक्मणि विवाह की कथा प्रसंग सुन श्रोता भावविभोर हो कर नृत्य करने लगे। कथा यजमान सुनील त्यागी नूतन त्यागी रहे। इस अवसर पर हरीश गोयल, ललित अग्रवाल, पंडित हंसराज, मनोज अग्रवाल का सहयोग रहा।
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