मऊ, जनवरी 22 -- दोहरीघाट, हिन्दुस्तान संवाद। ब्लॉक क्षेत्र के हेड कैनाल पर चल रही दिव्य यज्ञ के पांचवें दिन कथावाचक चंद्रावती उपाध्याय ने कहा कि देवी की कथा सुनने या पूजा करने से जीव की व्यथा दूर होती है। पूरे मनोयोग और अंत: करण से देवी को याद कर और उनका ध्यान लगाने वाले मानव को जीवन में कभी भी निराश नहीं होना पड़ता है। सच्ची भक्ति पर देवी की कृपा होती हे। जीव जितना ज्यादा देवी के भक्ति के प्रति अनुरागी होगा उतना ही उसका मन उज्जवल होता जाएगा। इस दौरान भानुप्रकाश उपाध्याय, चुनमुन राय, सिमा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...