मेरठ, अप्रैल 10 -- सूरजकुंड स्थित बाबा मनोहरनाथ मंदिर में हो रही भक्त माल की कथा में कथावाचक ने गुरुवार को सखूबाई का प्रसंग सुनाया। माता नीलिमानंद के सानिध्य में हो रही कथा में विधि विधान से व्यास पूजन कराया गया। कथावाचक पंडित विष्णु दत्त त्रिवेदी ने भक्त मति सखूबाई का प्रसंग सुनाया। कहा कि सखूबाई का विवाह एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां सास, ससुर और पति राक्षस प्रवृत्ति के थे। वह सखू को दिन रात मारते और गाली देते थे, लेकिन सखूबाई केवल विट्ठल विट्ठल का जाप करती थीं।पंडरपुर की यात्रा सखूबाई की हार्दिक इच्छा पंडरपुर जाकर भगवान विट्ठल के दर्शन करने की बात करती थी। जब घरवाले उन्हें नहीं जाने देते, तो भगवान स्वयं सखूबाई का रूप लेकर घर पर रहने लगते हैं और असली सखूबाई पंडरपुर चली जाती हैं। भगवान का बंधन भगवान विट्ठल सखू के प्रेमवश उनके दुष्ट ससुरा...
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