वाराणसी, अप्रैल 4 -- वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य नाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के बड़े अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने एमपी मुख्यमंत्री, उनके संस्कृति विभाग और कलाकारों का आभार जताते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। शुक्रवार शाम वह बरेका में सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य रूपांतरण का शुभारंभ करते हुए ये बातें कहीं। कहा कि विक्रमादित्य केवल एक राजा नहीं थे, बल्कि न्याय, धर्म और लोककल्याण के प्रतीक थे। उनका जीवन ह...