सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान के 'मक्का डिफेंस पैक्ट' से मिस्र बाहर क्यों? भारत वाला एंगल समझिए
नई दिल्ली, अगस्त 18 -- 7 अगस्त 2026 को पवित्र शहर मक्का में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। यह समझौता 'नाटो' के सामूहिक सुरक्षा ढांचे पर आधारित है। इसके अनुसार, तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होने पर उसे सभी पर हमला माना जाएगा और संयुक्त जवाब दिया जाएगा। समझौते के तुरंत बाद नई तिकड़ी के विस्तार की चर्चा तेज हो गई। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने मिस्र को गठबंधन का 'स्वाभाविक साझेदार' बताया और कहा कि काहिरा का शामिल होना ज्यादातर तकनीकी और प्रक्रियात्मक मुद्दों को सुलझाने का मामला है। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने भी पुष्टि की कि काहिरा क्षेत्रीय समझौते की कानूनी, रणन...
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