देहरादून, अगस्त 6 -- रविंद्र थलवाल, देहरादून उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गोरसाड़ा गांव का एक साधारण परिवार पिछले आठ वर्षों से असाधारण पीड़ा झेल रहा है। घर के मुखिया इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में फंसे हैं और उनकी वापसी की उम्मीद अब उनकी बेटी दीपिका नौटियाल के संघर्ष पर टिकी है। पिता को घर लाने के लिए दीपिका ने दो करोड़ रुपये जुटाने की मुहिम छेड़ दी है, एक ऐसी लड़ाई, जिसमें हर दिन उम्मीद और बेबसी आमने-सामने खड़ी दिखती हैं। इंद्रमणि नौटियाल सऊदी अरब में ट्रक चालक के रूप में काम करते थे। वर्ष 2018 में एक सड़क दुर्घटना में उनके वाहन से चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद उन्हें एक वर्ष की जेल की सजा काटनी पड़ी। ट्रक का बीमा नहीं होने के कारण अदालत ने उन पर नौ लाख रियाल यानी करीब दो करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगा दिया। यह रकम न चुका पाने क...