नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- मिडिल ईस्ट में तनाव थमने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बाद अब यमन के ईरान समर्थित हूती और सऊदी अरब आमने-सामने हैं। इन सब के बीच एक ही सवाल है कि हूतियों पर पिछले 10 साल में सऊदी अरब, यूएई, अमेरिका, ब्रिटेन और इजरायल ने कई बार हवाई हमले किए। फिर भी हूती कमजोर नहीं हुए। उल्टे और मजबूत हो गए। अब ये लाल सागर के जरूरी व्यापारिक रास्ते और सऊदी तेल ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ईरान की मदद, पहाड़ी इलाका और सस्ते ड्रोन-मिसाइल इनकी ताकत बन गए हैं।पहाड़ी इलाका इनका बड़ा फायदा बताया जाता है कि हूती बड़े और पहाड़ी इलाके में फैले हुए हैं। वहां वे लड़ाके और हथियार छिपा सकते हैं। साथ ही तेल के ठिकानों और व्यापारिक रास्तों को निशाना बना सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र और विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान औ...