किशनगंज, मई 4 -- किशनगंज, संवाददाता। मातृत्व एक संवेदनशील और निर्णायक अवस्था है, जहां छोटी-सी चूक भी जच्चा और बच्चा दोनों के जीवन पर भारी पड़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी प्रचलित गृह प्रसव की परंपरा कई बार गंभीर जटिलताओं को जन्म देती है, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दे रहा है।

संस्थानिक प्रसव को बढ़ावा इस पहल के तहत प्रत्येक पंचायत में स्वास्थ्यकर्मी यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि कोई भी प्रसव घर पर न हो।आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी सेविकाएं घर-घर जाकर गर्भवती महिलाओं की पहचान कर रही हैं और उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित कर रही हैं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना की भूमिका अत्यंत अहम है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओ...