भागलपुर, मार्च 30 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता भारतीय संस्कृति में लोक कलाओं का अत्यधिक प्रभाव है। यही वजह है कि यह हमारी संस्कृति को समृद्ध बनाता है। लोक कलाओं का प्रभाव वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर है, यह अब स्थानीयता तक सीमित नहीं है, लेकिन हम लोक कलाओं के मूल तत्व से छेड़छाड़ करते हुए उसे भूलते जा रहे हैं। इस कारण हमें इसके संरक्षण की जरूरत है। लोक कलाओं के संरक्षण से ही हम अपनी संस्कृति को बचा सकते हैं। यह बातें एसएम कॉलेज के जीएफ हॉल में प्राचार्य डॉ. निशा झा ने दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के समापन पर रविवार को अध्यक्षता करते हुए कही।समापन समारोह से पूर्व दूसरे दिन के पहले तकनीकी सत्र में यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका (यूएसए) से डॉ. विजयश्री शर्मा ने 'लोक गीतों का आध्यात्मिक एवं संस्कृति से मिलन : भारत के परिप्रेक्ष्य में' विषय...
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