संस्कार और सेवा भाव भारतीय संस्कृति की असली पहचान: नवीन
नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को कहा कि संस्कार और सेवा का भाव भारतीय संस्कृति की असली पहचान है और भारतीय संस्कृति में संस्कारों का बहुत अधिक महत्व है। नवीन ने जयपुर के आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिवस पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे विचार तभी सार्थक हैं, जब वे संस्कार बनते हैं। उन्होंने कहा कि मैं मानता हूं कि भारतीय संस्कृति में हमारे संस्कारों का महत्व बहुत अधिक होता है। संस्कार तभी प्रभावी होते हैं, जब वे सेवा के भाव के साथ समाज के बीच पहुंचते हैं। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम मानते हैं कि आने वाले समय में हम इस पद्धति से, अपने सेवा और समर्पण के भाव से इस देश को आगे बढ़ाएंगे। नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी देश को सेवा और समर्पण के भाव से नेतृत्व दे रहे हैं। प्रधा...
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