जौनपुर, मई 22 -- बदलापुर, हिन्दुस्तान संवाद। कस्बे के भलुआही गांव में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को अयोध्या से आए आचार्य शिव प्रकाश तिवारी ने कहा कि संस्कारों से ही हमारी संस्कृति जीवित रहेगी। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य सभ्यता के वशीभूत होकर हम आदमी अपनी पहचान धीरे-धीरे खोते जा रहे हैं। हमारी युवा पीढ़ी जिस सभ्यता का अनुकरण कर रही है उसे अन्य देश के लोग छोड़कर अपने भारत देश की सभ्यता को अपना रहे हैं। कहा कि माता-पिता धरती के साक्षात देव हैं। इनकी सेवा और पूजा से भगवान स्वतः प्रसन्न हो जाते हैं। इनका अपमान करने वालों को मंदिर में भी भगवान नहीं मिल सकते है। यह भी पढ़ें- दान करने से दुर्गति का विनाश होता है : स्वामी लक्ष्मणाचार्य उन्होंने कहा कि प्रभु की ओर से जिसे जो काम मिला है उसे मन से करना चाहिए। अपना कर्म न करने वाला ...