बाराबंकी, अप्रैल 21 -- हैदरगढ़। सदाचार ही परम धर्म है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का अवतार लेने का मुख्य प्रयोजन संसार में आदर्श एवं सदाचार की स्थापना का था। महोबा की साध्वी राजकुमारी ने श्री आनंद मानस प्रचार सेवा समिति द्वारा रौली गांव में आयोजित सात दिवसीय विष्णु महायज्ञ के प्रवचन सभा में व्यक्त किये। साध्वी ने वक्तव्य में बताया कि समाज एवं राष्ट्र की उन्नति, आचारवान युवकों एवं शील संपन्न नारियों के द्वारा होती है। अत: मानव मात्र को अपने कर्तव्य का बोध कराने के लिए जगत जननी सीता और परम पिता भगवान श्रीराम ने मनुष्य रूप में अवतार लिया। भगवती सीता नारी को सम विषम सभी परिस्थितियों में अपने कर्तव्य मार्ग पर अडिग रहने की प्रेरणा देती हैं। इसी कारण तुलसी दास जी पहले माता सीता जी की वंदना करते हैं। ततपश्चात भगवान राम की स्तुति। राम और सीता दोन...