वाराणसी, मई 6 -- वाराणसी। संसाधनों की कमी से जूझ रहे जिला अस्पतालों में अब गंभीर रूप से बीमार बच्चों के इलाज में टेली-आईसीयू बड़ी राहत बनकर उभरा है। आईएमएस बीएचयू के बाल रोग विभाग के टेली आईसीयू की मदद से डॉक्टरों ने दूसरे जिले के 73 फीसदी गंभीर बच्चों को उनके नजदीकी अस्पताल में रोका और ऑनलाइन मॉनीटरिंग और इलाज से उनकी जिंदगी बचा ली। आईएमएस बीएचयू के बाल रोग विभाग में प्रो. सुनील राव के नेतृत्व में टेली आईसीयू 15 जिलों से जुड़ी है। बीएचयू के डॉक्टर मरीजों का ऑनलाइन इलाज करते हैं। 28 महीनों के दौरान 1240 टेली-आईसीयू कंसल्टेशन का विश्लेषण किया गया। यह भी पढ़ें- बच्चों को हंसते-रोते समय खांसी आना अस्थमा का लक्षण इनमें से 73.6% मामले जिला अस्पतालों से और 26% मेडिकल कॉलेजों से जुड़े थे। आंकड़ों के मुताबिक, 59% बच्चों और 32.8% नवजातों का इलाज ह...