नई दिल्ली, मार्च 25 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सरकार ने विपक्ष के विरोध के बीच बुधवार को राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश किया। विपक्ष के विरोध और चर्चा की मांग के बावजूद विधेयक को वॉयस वोट के जरिए पेश किया गया, जिससे सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बाद में इस विधेयक पर चर्चा हुई जो अधूरी रही। कांग्रेस सांसद अजय माकन ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवान और अधिकारी देश के लिए शहीद होते हैं लेकिन 15 सालों तक उन्हें एक ही पद पर बिना प्रमोशन के रहना पड़ता है, जबकि आईपीएस सात सालों में ही प्रमोशन पा जाते हैं। सरकार ने बताया कि इस विधेयक का उद्देश्य देश की पांचों केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के लिए एक समान और एकीकृत कानूनी ढांचा तैयार करना है। वर्तमान में इन बलों के लिए ...