संसदीय समिति की पहल के बाद मध्यस्थता परिषद का गठन
नई दिल्ली, अगस्त 28 -- केंद्र सरकार ने कानून बनाए जाने के करीब तीन साल बाद देश में मध्यस्थता की कार्यवाही को विनियमित करने के लिए 'मध्यस्थता परिषद' का गठन कर दिया है। यह कदम एक संसदीय समिति की सिफारिश के बाद उठाया गया है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने गुरुवार रात जारी अधिसूचना में मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत परिषद के गठन की घोषणा की। परिषद संस्थागत विवाद समाधान को विनियमित करने और बढ़ावा देने का काम करेगी। इसके अलावा इसे मध्यस्थता सेवा प्रदाताओं तथा मध्यस्थता पेशेवरों को प्रशिक्षण और प्रमाणन देने वाले संस्थानों को मान्यता देने का भी अधिकार दिया गया है। एटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने पिछले वर्ष मध्यस्थता परिषद के गठन में देरी के लिए मानव संसाधनों की कमी और वैधानिक निकायों के लिए उपयुक्त उम्मीदवार तलाशने में आने वाली कठिनाइयों को जिम्मेदार बत...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.