इटावा औरैया, जनवरी 29 -- यूजीसी समानता संवर्धन विनियम.2026 के विरोध में अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि इस विनियम को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए। इस ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहित देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में लागू किया जा रहा यह नियम देश की सामाजिक व्यवस्था एवं शिक्षा प्रणाली के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। इस विनियम के लागू होने से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह नियम संविधान में प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। इससे छात्रों एवं शिक्षकों में असंतोष फैल सकता है, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंन...
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