लखनऊ, फरवरी 26 -- पूर्वोंचल एक्सप्रेस वे पर स्लीपर बस हादसे की शुरुआती जांच में मोटे तौर पर तीन कमियां उजागर हुई हैं। हालांकि बस के कागजात दुरुस्त मिले। ऐसे में जांच रिपोर्ट पर गौर करें तो उसमें उल्लेख है कि बस की भौतिक दशा यानी उसकी बॉडी में परिवर्तन करके उसे बढ़ा दिया गया था। तो फिर अहम सवाल है कि फिटनेस कैसे 'चुस्त' थी। ऐसे में अफसरों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। जांच रिपोर्ट से पता चला कि बस पलटने में ड्राइवर की लापरवाही थी। स्लीपर बस में यात्रियों के बैठने और सोने की सीटों में बदलाव कर किया गया था। इमरजेंसी गेट भी बंद पाए गए थे। बसों में सीटिंग क्षमता को काफी बढ़ाया गया था। ऐसे में मानक के विरुद्ध बनाई गई बस बॉडी की फिटनेस कैसे हो गई। क्योंकि प्रपत्रो की जांच में बसों के फिटनेस वैध मिले थे। दरअसल, लंबी दूरी की स्लीपर बसों में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.