नई दिल्ली, जनवरी 30 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में संवेदनशील सार्वजनिक जगहों और शराब की दुकान के बीच न्यूनतम दूरी को कम किए जाने को पहली नजर में सुप्रीम कोर्ट के उस बाध्यकारी फैसले का उल्लंघन बताया है, जिसमें न्यूनतम दूरी तय की गई थी। शीर्ष अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से सफाई देने को कहा है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और एजी मसीह की पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि 'राज्य सरकार ने 1968 के नियमों के नियम 5(4) में संशोधन करके (जिसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी) न्यूनतम दूरी को कम कर दिया। नगर निगम क्षेत्र के लिए यह दूरी 100 मीटर से घटाकर 50 मीटर और नगर परिषदों और नगर पंचायतों के तहत आने वाले क्षेत्रों में 75 मीटर कर दी गई।' पीठ ने कहा है कि हमारी पहली नजर में यह उत्तर प्रदेश सरकार ने इस अदाल...