नई दिल्ली, अप्रैल 1 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संवेदनशील मामलों में जल्द सुनवाई की जरूरत पर बल दिया और दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया कि वे इस मुद्दे को प्रशासनिक स्तर पर देखें और एक समग्र नीति बनाने पर फैसला करें। शीर्ष अदालत ने पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की है।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने अधिवक्ता मोदोइया कायिना द्वारा दाखिल याचिका पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रदीप राय की दलीलों को सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि 'हमें ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में बारी से पहले सुनवाई की जरूरत है।...
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