नई दिल्ली, नवम्बर 26 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को 'संविधान को राष्ट्रीय ग्रंथ बताया और कहा कि संविधान के मूल्यों के अनुसार उल्लिखित और व्यक्तिगत जीवन को संचालित करना हमारा राष्ट्रीय धर्म है।' उन्होंने कहा कि संविधान एक कानूनी दस्तावेज होने के बावजूद, जन-भागीदारी और व्यापक प्रतिनिधित्व के बल पर हमारा संविधान जनता का संदर्भ-ग्रंथ बन गया है। संविधान दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां संविधान के साथ जुड़ा हुआ महसूस करती रहें, इसके लिए हमें बच्चों को संविधान के बारे में रोचक जानकारी दी जानी चाहिए। उन्होंने बच्चों को संविधान का बाल संस्करण पढ़ाया जाना चाहिए ताकि उनमें जीवन दृष्टि और संवैधानिक निष्ठा का ज्ञान बढ़े। संविधान राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता, लोक हित ...
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