नई दिल्ली, जून 7 -- High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की पुलिसिंग और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर एक बेहद तल्ख और गंभीर टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में पुलिस अधिकारी संविधान के बजाय सत्ताधारी दल के प्रति अधिक वफादार दिखाई देते हैं। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि संवैधानिक शासन को किसी व्यक्तिगत सुविधा या राजनीतिक लाभ के लिए बंधक नहीं बनाया जा सकता और राज्य मशीनरी को हमेशा सत्ता में बैठे किसी राजनीतिक दल के बजाय केवल कानून और संविधान के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। 3 जून को दिए गए एक फैसले में जस्टिस विनोद दिवाकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नेताओं और नौकरशाहों की सामंती मानसिकता ने लंबे समय से संवैधानिक शासन को जनसेवा के बजाय व्यक्तिगत वर्चस्व का साधन बना दिया है।मलाईदार पोस्टिंग राजनीतिक संरक्षण का जरिया: कोर...