रांची, फरवरी 2 -- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम में दिए गए बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। असम में एक छात्र संगठन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हेमंत सोरेन द्वारा चुनाव आयोग, राजभवन और केंद्र सरकार पर की गई टिप्पणियों को विपक्ष ने मर्यादा की सीमा लांघने वाला बताया है। झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी का आरोप है कि झारखंड के हजारों छात्र छात्रवृत्ति से वंचित हैं, लेकिन मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं, संवैधानिक संस्थाओं पर सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। बयान में कहा गया है कि जिस संविधान के तहत हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने हैं, उसी संविधान में चुनाव आयोग को SIR जैसी प्रक्रियाओं के अधिकार भी दिए गए हैं। यह भी पढ़ें- हम तुम्हारे साथ हैं भाई, डरो मत...;...
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