सोनभद्र, मई 10 -- अनपरा,संवाददाता। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने रविवार को जनजागरण अभियान में आरोप लगाया है पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन द्वारा लागू वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग एवं संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली व्यवस्था बिगड़ रही है। पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण का निर्णय नवंबर 2024 में लिया गया था जिसका बिजली कर्मचारी निरंतर विरोध कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद पश्चिमांचल- मध्यांचल विद्युत वितरण निगम में वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग को तेजी से लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं को यह समझने में कठिनाई हो रही है कि किस कार्य के लिए किस कार्यालय से संपर्क किया जाए। वर्षों से कार्यरत अनुभवी संविदा कर्मियों की छंटनी किए जाने से वित...