लखनऊ, फरवरी 28 -- केजीएमयू के संयुक्त स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ ने शनिवार को ओपीडी भवन के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने पीजीआई व लोहिया संस्थान की भांति केजीएमयू आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत का इंक्रीमेन्ट लागू करने की मांग की। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश मल्ल ने कहा कि केजीएमयू में वेतन इंक्रीमेंट लागू नहीं है। वेतन वृद्धि भी लागू न होने से कर्मचारी आहत हैं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा निगम बनने के नाम पर वेतन बढ़ोतरी एवं प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत होने वाली वृद्धि को भी रोक दिया गया है। जबकि केजीएमयू में मरीजों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण इलाज प्रदान किये जाने में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की प्रतिबद्धता प्रत्येक अवसरों पर अभूतपूर्व रही हैं। जिसके कारण कर्मचारियों में काफी निराशा व गुस्सा है। इस...