आजमगढ़, दिसम्बर 5 -- आजमगढ़, संवाददाता। सांसद धर्मेंद्र यादव ने शुक्रवार को शिक्षामित्र, अनुदेशकों, रोजगार सेवकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, पंचायत कर्मी और रसोइयों को लेकर संसद में आवाज उठाई। उन्होंने सदन में कहा कि उत्तर प्रदेश में 18 लाख से ज्यादा और देश के कई करोड़ संविदा कर्मियों की नौकरी की असुरक्षा, वेतन की कमी उन्हें परेशान करती है। उन्होंने कहा कि आशा बहू को केवल 2000, रोजगार सेवकों को 8850, शिक्षामित्र को 10000, आंगनबाड़ी को केवल 5000, सहायिकाओं को 2700, अनुदेशकों को 8700, सहायकों को 5000, रसोइयों को केवल 2000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। साथ ही साथ उनके ठेकेदार जो नियुक्तिकर्ता हैं, वे भी उनका शोषण कर रहे हैं। जबकि देश में सबसे ज्यादा सेवा यही संविदा कर्मचारी कर रहे हैं। अभी चल रहे एसआईआर के काम में भी इन संविदाकर्मियों को लगाया ...
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