बिहारशरीफ, मार्च 13 -- संवाद को क्रोध और हिंसा से बचाना जरूरी: ओम थानवी नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के दूसरे सत्र में लोकतंत्र और प्राचीन बौद्धिक संस्कृति पर हुआ विमर्श फोटो: 01 साहित्य 02: राजगीर में शुक्रवार को नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव के दूसरे सत्र में साहित्य और समकालीन विषयों पर चर्चा करते लेखिका क्षमा कौल, पत्रकार ओम थानवी तथा लेखिका डॉ. कृष्णा उदयशंकर। राजगीर, निज संवाददाता। शुक्रवार को नालंदा अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव में 'वाद-विवाद संवाद और लोकतंत्र: प्राचीन भारत की बौद्धिक संस्कृति' विषय पर आयोजित दूसरा सत्र काफी सरगर्म रहा। इसमें वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी, लेखिका क्षमा कौल और डॉ. कृष्णा उदयशंकर ने अपने बेबाक विचार रखे। चर्चा के दौरान प्राचीन सिद्धांतों और आज की जमीनी हकीकत को लेकर वक्ताओं के बीच वैचारिक र...
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