लखीसराय, जनवरी 10 -- जल, हवा की तरह ही जीवन की प्राथमिक शर्त है। पृथ्वी पर जीवन की कल्पना जल के बिना असंभव है। मानव सभ्यता का इतिहास उठाकर देखें तो स्पष्ट होता है कि विश्व की सभी प्राचीन और समृद्ध सभ्यताएं नदियों के किनारे ही विकसित हुईं। सिन्धु घाटी सभ्यता, दजला-फरात की सभ्यता, नील नदी की सभ्यता हो या भारत की गंगा घाटी सभ्यता। सभी का आधार जल और नदी रही है। नदियों के किनारे बसे नगरों ने न केवल आर्थिक समृद्धि पाई बल्कि वहीं से मानव संस्कृति, दर्शन, साहित्य और परंपराओं का विकास हुआ। विश्व का प्राचीनतम जीवित नगर काशी आज भी गंगा नदी के किनारे अपनी सांस्कृतिक चेतना के साथ जीवंत है। ऐसे में लखीसराय जिले में नदियों के सरंक्षण के लिए चलाए गए अभियान के तहत शुक्रवार को हिन्दुस्तान ने संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें जिले की किऊल व हरुहर नदी के ...