हापुड़, जुलाई 27 -- सनातन परंपरा में श्रावण केवल एक माह नहीं, बल्कि संपूर्ण चराचर सृष्टि की चेतना के नवीनीकरण का उत्सव है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से प्रारंभ होकर 11 अगस्त तक चलेगी, जबकि शिवरात्रि का पावन पर्व 11 अगस्त को मनाया जाएगा। हालांकि गंगा नगरी में तो सावन के हर सोमवार को भगवान का जलाभिषेक करने वाले शिव भक्तों का आगमन होगा। पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि चंद्र सावन मास 30 जुलाई से प्रारंभ हो रहा है। सावन का पावन मास आत्मा को परमात्मा से जोड़ने, अंतर्मन को शुद्ध करने और महादेव की असीम अनुकंपा प्राप्त करने का सबसे चैतन्य काल माना जाता है। सावन के सोमवार के दिन भगवान शंकर और माता पार्वती की संयुक्त पूजा-अर्चना भक्तों के जीवन के सभी कष्टों को दूर कर उन्हें सुख-समृद्धि प्रदान करती है। पंडित विनोद शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम...