वाराणसी, जून 21 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में योग महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को मुख्य भवन में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि आत्मानुशासन, आत्मशुद्धि और आत्मबोध की दिव्य साधना है। उन्होंने पतंजलि योगसूत्र के सूत्र 'योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः' का उल्लेख करते हुए कहा कि योग मनुष्य को मानसिक विक्षेपों से मुक्त कर आंतरिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने भगवद्गीता के 'समत्वं योग उच्यते' सिद्धांत का स्मरण कराते हुए कहा कि योग जीवन में संतुलन, संयम और समरसता स्थापित करने का सर्वोत्तम माध्यम है। यह भी पढ़ें- 12 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. दुर्गेश पाठक ने किया...