नई दिल्ली, फरवरी 7 -- नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता। माता-पिता के वैवाहिक वर्षगांठ पर शुक्रवार को दिन में कीर्तन और रात में पार्टी होनी थी, लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। कमल की मौत की खबर पहुंचते ही खुशी के पल मातम में बदल गए। कमल के माता पिता की शादी की 28वीं सालगिरह थी। गुरुवार रात 12 बजे कमल ने केक आर्डर किया था, जो करण को लेकर आना था। इसी के लिए करण ने रात को 11.53 बजे कमल को फोन किया था। इस आयोजन की तैयारी खुद कमल, करण और उसके दोस्तों ने की थी। कीर्तन के लिए कमल ने कई दिन पहले ही मंडली को बोल दिया था। कमल के दोस्त अल्ताफ ने बताया कि कमल ने अपने माता-पिता की शादी की सालगिरह की पार्टी की तैयारी खुद की थी। फ्लैट में पार्टी होनी थी। रात को 12 बजे केक कटवाना था और दिन में मंदिर में कीर्तन होना था। कमल के भाई करण ने बताया कि कमल ने आठवी...