नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला की ओर से ससुराल वालों के खिलाफ दर्ज दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की प्राथमिकी को खारिज कर दिया है। यह प्राथमिकी पति की आत्महत्या के बाद दर्ज की गई थी। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा की पीठ ने कहा कि यह अस्पष्ट आरोपों व कानून के दुरुपयोग का मामला है। आपराधिक कार्यवाही को जारी रखना न्याय के हित में नहीं होगा। महिला की शादी मार्च 2016 में हुई थी। ससुराल वालों ने दावा किया कि इसके तुरंत बाद दंपति के बीच कुछ मतभेद पैदा हो गए। पति निराश रहने लगा। यह भी कहा गया कि महिला के परिवार ने न केवल पति पर दबाव डाला, बल्कि उसे हर हाल में उसके साथ रहने की धमकी भी दी। ससुराल वालों के अनुसार, महिला के माता-पिता ने उन्हें डरा दिया था। उनके पूरे परिवार को दहेज और घरेलू हिंसा के झूठ...
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