नई दिल्ली, अक्टूबर 3 -- नई दिल्ली, प्र.सं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने डीडीए को संपत्तियों को लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलने से जुड़े लंबित आवेदनों पर दो महीने के भीतर कार्रवाई का निर्देश दिया। इन आवेदनों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) पहले ही लोगों से 155.06 करोड़ रुपये वसूल चुका है। कोर्ट ने कहा, लंबित आवेदनों पर मौजूदा नीति के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं भविष्य में आने वाले आवेदनों के लिए आवास एवं शहरी मामलों का मंत्रालय (एमओएचयूए) व दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) एक नीति बना सकते हैं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह एवं न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने आदेश में कहा, यह स्थिति उन संपत्ति मालिकों के मामले में और गंभीर हो जाती है, जिन्होंने पहले ही आवेदन कर दिया है। पीठ आवेदनों पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण परेशानी का सामना कर...