नई दिल्ली, अगस्त 1 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धन शोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) संदेह के आधार पर किसी के बैंक खाते को फ्रीज नहीं कर सकती। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ ईडी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। जस्टिस दीपांकर दत्ता और ‌शील नागू की पीठ ने शुक्रवार को पारित अपने फैसले में कहा कि पीएमएलए की धारा 17(1ए) में 'विश्वास करने का कारण' वाक्यांश का साफ तौर पर इस्तेमाल नहीं किया गया है, लेकिन इसे धारा 17(1) से अलग करके नहीं पढ़ा जा सकता क्योंकि इसके तहत जब्ती की कार्रवाई करने की व्यावहारिकता से गहराई से जुड़ा है। यह भी पढ़ें- संदेह के आधार पर बैंक खाते को फ्रीज नहीं कर सकती है ईडी- सुप्रीम कोर्ट पीठ ने आगे कहा कि ऐसी ज‌ब्ती तभी की जा सकती है जब 'विश्वास करने का कारण' मौजूद हो। पीठ ने कहा ...