घाटशिला, मार्च 30 -- बहरागोड़ा, संवाददाता। अध्यात्म और अटूट श्रद्धा की त्रिवेणी में रविवार को पूरा बहरागोड़ा सराबोर नजर आया। इस अवसर पर स्वामी निगमानंद सरस्वती के 108वें तीन दिवसीय सार्वभौम भक्त सम्मेलन में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दूसरे दिन पूरा क्षेत्र जयघोष और भजनों की गूंज से भक्तिमय हो उठा। दूर-दराज से आए संतों के स्वागत में ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछा दिए। असम से पधारे स्वामी दिव्यानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अध्यात्म का मर्म समझाया। उन्होंने कहा, जिस भूमि पर संतों के चरण पड़ते हैं, वह स्थान स्वयं तीर्थ का रूप ले लेता है। संतों की संगति मात्र से मनुष्य की ऊर्जा और यश-कीर्ति में वृद्धि होती है और आत्मोद्धार का मार्ग प्रशस्त होता है। वहीं सम्मेलन के दौरान स्वामी निगमानंद (बचपन का नाम नलिनीकांत) के जीवन संघर्ष...