गिरडीह, मई 29 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। शहर के श्याम मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन गुरूवार को श्री नरेंद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि धन संपदा तो एक पानी के घर में भी होता है, पर संसार में दुलर्भ क्या है? उन्होंने कहा कि संतों का संगत और भगवान की कथा ही दुर्लभ है। संसार में जितने भी लाभ होते हैं, उससे हमारा भला होनेवाला नहीं है। संपदा और धन हमें मिलता है तो उससे हमें दुख भी मिलता है। श्री नरेंद्राचार्य जी महाराज ने भगवान श्री राम व भरत को लेकर कहा कि जब भगवान श्रीराम वनवास जाने को थे। इससे पूर्व भरत प्रयागराज पहुंचे। यह भी पढ़ें- त्रेता युग में भाई विपत्ति का करता था बंटवारा:मानस किंकर नीरजा नंद एकांत में जाकर गंगा मां से कहा कि मैं वह अभागा हूं, जो कुल की परंपरा को ताक पर रखने जा रहा हूं। कहा कि मुझे अर्थ नहीं चाहिए। इसी अर्...