रिषिकेष, जून 25 -- परमार्थ निकेतन में कथा का आयोजन हुआ। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि संतों का जीवन मानवता के लिये ईश्वर का खुला संदेश है। उन्होंने कहा कि भक्तमाल की कथाएं हमें संदेश देती हैं कि सच्ची भक्ति हृदय की निर्मलता, सेवा की भावना और परमात्मा के प्रति अटूट विश्वास में निहित है। परमार्थ निकेतन में राधाकृष्ण महाराज अमृतमयी कथाओं का ऐसा रसपान करा रहे हैं कि श्रोतागण भक्ति, प्रेम और समर्पण के अद्भुत संसार में प्रवेश कर रहे हैं। भक्तमाल कथा का प्रत्येक प्रसंग मानो श्रद्धा के सुप्त बीजों को जागृत कर रहा है। स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा संसार तनाव, विभाजन और भौतिकता की दौड़ में उलझा हुआ है, तब संतों की जीवनगाथाएं मानवता को प्रेम, करुणा और एकता का मार्ग दिखाती हैं।उन्होंने यह भी पढ़ें- संतों का जीवन मानव कल्याण के लिये:स्वामी चिदानंद...