कौशाम्बी, जनवरी 6 -- माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को माताओं ने ब्रत रहकर मां सकट चौथ से पुत्रों के दीर्घायु की कामना किया। रात्रि लगभग नौ बजे चंद्रोदय होते ही विधिविधान से उनकी पूजा अर्चना करने के बाद चढ़ाये गए प्रसाद को ग्रहण किया। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाने वाला सकट चौथ का पर्व हिंदू धर्म में विशेष आस्था और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसे तिलकुटा चौथ और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार को संकटों से बचाने के लिए माताओं द्वारा किया जाता है। यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित है जिन्हें विघ्नहर्ता के भी नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं पर जायें तो माघ कृष्ण चतुर्थी के दिन माता पार्वती ने भगवान गणेश को पृथ्वी पर भेजा था, ताकि वह अपने भक्तों के ...