रांची, अक्टूबर 7 -- रांची। चुटिया के महर्षि मेंहीं आश्रम में जिला संतमत सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित पाक्षिक ध्यान-साधना शिविर के 12वें दिन श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सत्संग में डॉ. स्वामी निर्मलानंद जी महाराज ने कहा कि संतमत सत्संग का मूलाधार प्रकाश और शब्द है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरु प्रदत्त मंत्र के मानस जप से अंतःकरण पवित्र होता है और पापों का क्षय होता है। बिंदु ध्यान से समस्त ध्यान पूर्ण हो जाता है, जिससे परम कल्याण संभव है। वरिष्ठ स्वामी श्यामानंद महाराज ने बताया कि सही मानस जप से सांसारिक आसक्तियां कम होती हैं। वहीं स्वामी बालकृष्ण महाराज ने कहा कि वर्णात्मक जप और ध्वन्यात्मक ध्यान के निरंतर अभ्यास से जीव मुक्ति प्राप्त कर सकता है।

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