गौरीगंज, मई 9 -- अमेठी। आज मदर्स डे हैं। इसकी पूर्व संध्या पर हमने जनपद की कुछ ऐसी माताओं की कहानियां तलाशने की कोशिश की, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी और बच्चों को परवरिश से काबिल बनाया। इन मांओं ने साबित किया कि मां की ममता हर मुश्किल को आसान बना देती है। यह भी पढ़ें- मां का आंचल बना संबल, बेटियों ने शिखर छूकर निभाया फर्जपुष्पा शुक्ला की कहानी गौरीगंज क्षेत्र के पण्डरी गांव निवासी पुष्पा शुक्ला ने पति के निधन के बाद अकेले अपने बेटे सूरज शुक्ला की परवरिश की। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने बेटे की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। सूरज ने मेहनत और लगन से पढ़ाई कर पहले समीक्षा अधिकारी का पद हासिल किया और बाद में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक कुलसचिव परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरा स्थान प्राप्त कर ...