रामगढ़, मई 9 -- भुरकुंडा, निज प्रतिनिधि। भुरकुंडा परियोजना की संगम खुली खदान को लेकर रैयत-विस्थापितों और प्रबंधन के बीच विवाद गहराने लगा है। खदान क्षेत्र में कार्य शुरू होने की सूचना मिलते ही शुक्रवार को रैयत-विस्थापित मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यस्थल पहुंच गए और प्रदर्शन करते हुए काम बंद करा दिया। आंदोलनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी पर रैयतों की अनदेखी का आरोप लगाया। ढोल-नगाड़ा, डुगडुगी और पारंपरिक हथियारों के साथ पहुंचे आंदोलनकारियों ने झामुमो का झंडा लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी जमीन अधिग्रहित किए जाने के बावजूद अब तक उन्हें न तो मुआवजा मिला है और न ही नौकरी व पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। मोर्चा के रंजीत बेसरा, वीरेंद्र मांझी, शंकर मांझी, सन्नी बेसरा और बिहारी मांझी समेत अ...