वाराणसी, दिसम्बर 7 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी तमिल संगमम् में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आयोजन रविवार को नमो घाट पर हुआ। तमिलनाडु की गीतांजलि ने अपनी टीम के साथ दक्षिण भारतीय लोकनृत्यों की मनोहारी छटा बिखेरी। कलाकारों ने करकट्टम, मईलाट्टम, पोईक्कल कुटीरई अट्टम आदि लोकनृत्यों के माध्यम से दक्षिण भारत की विविधतापूर्ण लोक संस्कृति के दर्शन कराए। कलाकारों का वस्त्र विन्यास और शृंगार पद्धति ने सहज ही सभी का ध्यान आकर्षित किया। इनकी प्रस्तुतियों ने स्थानीय दर्शकों सहित मेहमान प्रतिनिधियों तक को आनंदित किया। ममता शर्मा एवं दल ने कथक से शुरुआत की। डॉ.शिवानी शुक्ला एवं दल ने शास्त्रीय गायन किया। 'आदि देव महादेव... और भजन 'अवगुन चित न धरो...' सुनाने के बाद समापन राम भजन 'कर मनवा राम रघुराई ...' से किया। तबला पर अंकित कुमार सिंह, वायलिन पर सु...
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