जौनपुर, मार्च 25 -- सतहरिया, हिन्दुस्तान संवाद। शांति कुंज हरिद्वार से आए संत गौरीश पांडेय ने कहा कि संगति ही जीवन को बनाने व बिगाड़ने के काम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसमें जैसी संगि होगी व्यक्ति वैसा ही बनेगा। चोर के संगति से चोर बनेगा और साधू के संगति से वह साधू बनेगा। इस लिए हमेशा अच्छे लोगों की संगति करनी चाहिए। यह बातें उन्होंने मुंगराबादशाहपुर के स्टेशन रोड पर स्थित मां गायत्री शक्तिपीठ पर चल रहे प्रज्ञापुराण कथा के पांचवें दिन सोमवार को भक्तों के बीच में कहीं। उन्होंने कहा कि अपनी व्यथा को किसी से भी नहीं बताना चाहिए। वह समाधान के बजाय इसका मजाक उड़ाएगा। जो कुछ भी कहना है उसे सिर्फ भगवान से कहना चाहिए। वे ही स्थाई समाधान के कर्ताधर्ता है। श्री संत ने बताया कि समर्पण भाव के साथ उपासना करने वाले भक्तों के साथ भगवान हमेशा खड़े...