लखनऊ, अप्रैल 14 -- पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन ने अनुसंधान प्रोत्साहन को लेकर आयोजित कार्यशाला में कहा कि संस्थान में अनुसंधान का आरंभ रेजिडेंट डॉक्टरों, शोधार्थियों और युवा संकाय सदस्यों के स्तर पर करना चाहिए। संस्थान के संकाय सदस्य 20 फीसदी समय अनुसंधान को दें। युवा संकाय सदस्यों को व्यावहारिक सुझाव दिए। इनसे कहा कि आंतरिक अनुदानों के साथ अनुसंधान करें और आंतरिक अनुसंधान के परिणामों का उपयोग करके बाह्य अनुदानों की योजना बनाएं। निदेशक ने कहा कि संस्थान के वरिष्ठ शोधकर्ताओं को एक समय में कम से कम छह पीएचडी छात्रों का मार्गदर्शन करें। उच्च प्रशिक्षित शोधकर्ताओं का एक समूह तैयार करें। ताकि पीजीआई में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के लिए आईसीएमआर दिल्ली में आवेदन किया जा सके। नैदानिक ​​परीक्षणों का बुनियादी ढांचा और अवसर कोर प्रयोगशाला सुवि...