जयपुर, जनवरी 14 -- मकर संक्रांति के दिन जयपुर की छतों से आसमान तक रंग-बिरंगी पतंगों की चहल-पहल रही, लेकिन इसी उत्सव की आड़ में मांझे ने ऐसा कहर बरपाया कि खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। बुधवार को राजधानी जयपुर में पतंगबाजी, मांझे से कटने और इससे जुड़े सड़क हादसों में 153 से ज्यादा लोग घायल हो गए। सबसे दर्दनाक घटना एक 10 साल के मासूम धीर कुमार की रही, जिसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए झकझोर देने वाला साबित हुआ।सड़क पर लटकता मांझा बना मौत का फंदा धीर कुमार अपने परिजनों के साथ राजमहल चौराहे के पास कार से गुजर रहा था। अचानक बीच सड़क पर लटक रहे मांझे ने उसके गले को जकड़ लिया। पल भर में गला कट गया और बच्चा लहूलुहान हो गया। परिजन घबराते हुए उसे तुरंत एसएमएस ट्रोमा सेंटर लेकर पहुंचे, ले...
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