बगहा, अप्रैल 28 -- मनोज कुमार राव बेतिया हमारे संवाददाता। जीवन में जब तक शीलता नहीं आएगी तब तक हम श्रेष्ठ के अनुगामी नहीं होंगे। शीलवान होने का पता आंखें बता देती है। शीलता श्रेष्ठ की सेवा से ही प्राप्त होती है। यह बातें अपने रामकथा प्रवचन के पांचवें दिन हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राजन जी महाराज ने कही। नगर के हरी वाटिका स्थित शिव मंदिर के प्रांगण में सिवान से आए राजन जी महाराज के द्वारा राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। शाम होते ही मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित हो रहे हैं। प्रवचन के पांचवें दिन राजन जी महाराज के द्वारा भगवान राम के विवाह के बारे में कई प्रसंगों के माध्यम से ज्ञानवर्धक और प्रेरक जानकारी दी गई। प्रभु राम के विवाह की कथा सुनकर श्रद्धालु बार-बार भावुक होते रहे। इ...