शामली, मार्च 15 -- कांधला। कस्बा एलम के आजाद नगर में आयोजित श्री राम कथा के 6 वे दिन कथा व्यास आचार्य श्री निखिल जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का वन गमन त्याग, आज्ञापालन और धर्मनिष्ठा का अद्वितीय उदाहरण है। इस प्रसंग ने वहां उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आचार्य निखिल जी महाराज ने कहा कि राजमुकुट का अधिकार होते हुए भी श्रीराम ने पिता की आज्ञा और सत्य की रक्षा के लिए वनवास स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां कैसी भी हों, धर्म और कर्तव्य के मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे केवल ऐतिहासिक घटना न बताकर मानव जीवन के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया, जो संयम, धैर्य और परिवार के प्रति समर्पण का संदेश देता है। कथा...