बरेली, दिसम्बर 23 -- श्री रामायण मंदिर में आध्यात्म की गूंज द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्रीराम कथा का भक्ति भाव के साथ विश्राम हुआ। अंतिम दिवस की कथा में व्यास यशूमति ने पंचवटी प्रसंग, माता सीता हरण, शबरी भक्ति, हनुमान मिलन, सुग्रीव मित्रता, लंका दहन, रावण वध एवं प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन व राजतिलक का सुंदर प्रसंग सुनाया। उन्होंने नवधा भक्ति का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग पर चलने का संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर कथा का श्रवण किया। कथा के विश्राम पर आयोजक संस्था आध्यात्म की गूंज की बहनों एवं श्री रामायण मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों अनिल अरोरा, दिनेश अरोरा आदि ने कथा व्यास को सम्मानित कर उनका आशीष लिया।
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