उरई, अगस्त 10 -- माधौगढ़। संवाददाता कृषि विभाग के अंतर्गत श्री अन्न योजना को बढ़ावा देने के लिए विकास खंड कार्यालय परिसर में सोमवार को खंड स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज के पोषण और आर्थिक महत्व के बारे में जागरूक करना था।गोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. मंजुल पांडे ने कहा कि करीब 70 साल पहले तक किसान बड़े पैमाने पर मोटे अनाज का उत्पादन करते थे, लेकिन धीरे-धीरे इसका उत्पादन न के बराबर रह गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फिर से ज्वार, बाजरा, मक्का, सामा, कोदों और मड़ुआ जैसी फसलों की खेती करें। डॉ. पांडे ने बताया कि मोटे अनाज खाने से शरीर स्वस्थ और निरोगी रहता है। इनमें फाइबर, प्रोटीन और खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं, जिससे डायबिटीज, मोटापा और हृदय संबंधी बीमारियों को कुछ हद तक रोका जा सकता है...